खेल,इन्टरनेट और हम

कुछ बाराह साल का था मैं, जब मैंने पहली बार भगवान् को देखा, वो नीले रंग का मुकुट पहेनता था अपने घुंघराले बालो के ऊपर, और एक भारी लकड़ी की गदा थी उसके पास, और अपने चमत्कार से वोह दुनिया…